स्वास्थ्य

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अतंर्गत मरीजों का बनाया जा रहा है ई-कार्ड

आशीष परिहार कांकेर- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अतंर्गत पंजीकृत समस्त शासकीय संस्थाओं जिला चिकित्सालय, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं पंजीकृत निजी चिकित्सालयों में व्च्क् एवं प्च्क् में आने वाले समस्त पात्र मरीजों का आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं डाॅ.खूबचंद्र बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अतंर्गत पात्रतानुसार ई-कार्ड बनाकर निःशुल्क प्रदाय किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.एल. उईके ने बताया कि किसी भी बीमारी को लेकर उपरोक्त चिकित्सालय में जाते हंै तो अपना आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं मोबाईल नंबर जरूर साथ लेकर आयें ताकि आपको योजनातंर्गत ई-कार्ड बनाकर दिया जा सके।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 के चयनित श्रेणियों में सूचीबद्व परिवारों को प्रतिवर्ष  5 लाख रूपये तक की स्वास्थ्य बीमा सहायता प्रदान की जाती है। राज्य शासन द्वारा संचालित डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का संचालन राज्य के खाद्य विभाग द्वारा जारी राशन कार्ड के आधार पर किया जा रहा है, जिसमें अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवारों को 5 लाख रूपये तक एवं शेष ए.पी.एल परिवारों को  50 हजार रूपये तक स्वास्थ्य बीमा सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान है। पात्र परिवारों को ईलाज की आवश्यकता होने के पूर्व ही ई-कार्ड प्रदान कर दिये जाने से हितग्राहियों को योजना में उनकी पात्रता की जानकारी होगी एवं इसके अतिरिक्त उन्हें ईलाज की आवश्यकता होने पर या आपातकालीन ईलाज की जरूरत होने की स्थिति में ई-कार्ड बने रहने से ईलाज जल्द प्रदान किया जा सकेगा। सीएमएचओ डाॅ. उईके ने कहा कि ई-कार्ड बनाने के लिए देर न करे और सर्दी खांसी से लेकर किसी भी बीमारी के संबंध में ईलाज के लिए  अस्पताल जा रहे हैं तो अपना आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं मोबाईल नंबर साथ लेकर जावे। इस संबंध में अधिक जानकारी एवं शिकायत हेतु निकटतम् स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा टोल फ्री नंम्बर 104 से संपर्क किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.एल. उईके ने बताया कि कांकेर जिले में 36 शासकीय एवं 8 निजी चिकित्सालय पंजीकृत हैं, जिसमें जिला चिकित्सालय कांकेर, सिविल अस्पताल पखांजूर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र- चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, दुर्गुकोंदल, धनेलिकन्हार, कोयलीबेड़ा, अमोड़ा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- बांदे, सरोना, दबेना, बागोडार, कोरर ,सारवंडी, बासनवाही, कोटतरा, हल्बा, लखनपुरी, हाराडुला, बड़गाॅव, दमकसा, पीड़ापाल, भानबेडा, साहवाड़ा, केंवटी, कोडे़कुर्से, कोण्डे, आमाबेड़ा, हाटकर्रा, मर्दापोटी, सुरेली, लोहत्तर, देवरी बालाजी, श्रीराम नगर कांकेर तथा निजी अस्पताल-गौतम अस्पताल भानुप्रतापपुर, वंदना अस्पताल पखांजूर, गौतम मेडीकेयर पखांजूर, बाबाताज साई अस्पताल कापसी, शिवम अस्पताल भानुप्रतापपुर, आश्रय अस्पताल पखांजूर और श्रीराम अस्पताल कांकेर एवं मदर मैरी अस्पताल कांकेर शामिल हैं।

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