राजनीती

छत्तीसगढ़ की सभी सहकारी सोसाइटियों में ताला बंद कर्मचारी हड़ताल पर कर्मचारियों की जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करें सरकार- शशि कांत द्विवेदी

महेंद्र शर्मा बंटी संवाददाता डोंगरगढ़- भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशि कांत द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि  छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी  महासंघ के प्रांतीय संगठन द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर  प्रदेश की सभी सोसाइटीओं के सभी कर्मचारी 24 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं जिससे खेती किसानी के ऐन वक्त पर प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों में तालाबंदी की नौबत आ गई है। भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशि कांत द्विवेदी ने सहकारी कर्मचारियों की जायज मांगों को  उचित ठहराते हुए कहा है कि सरकार को कर्मचारियों  के हित में तत्काल  निर्णय लेकर हड़ताल वापसी की दिशा में उचित पहल करनी चाहिए किंतु शासन-प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की पहल नहीं किया जाना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। वहीं  द्विवेदी ने कहा है  कि शासन की गलत नीति के चलते धान उपार्जन केंद्रों में कई महीनों से धान पड़ा रह गया जिसके कारण समय अवधि में परिवहन नहीं होने से भारी सुखत आने एवं वर्षा के कारण सड़ जाने  के कारण शॉर्टेज आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही लंबे समय तक  रखरखाव के  कारण  सोसाइटीओ को आर्थिक रूप से भारी नुकसान हुआ है। इन सब की भरपाई किए जाने हेतु आवश्यक रूप से सरकार को प्रावधान किया जाना चाहिए। सोसाइटी में धान शॉर्टेज की भरपाई जहां सोसायटीओं को दिए जाने वाले कमीशन की राशि से काट ली जाती है वहीं सोसाइटी और कर्मचारियों को  प्रोत्साहन राशि से वंचित होना पड़ता है। इससे सोसाइटी की आर्थिक स्थिति दिनों दिन कमजोर होती जा रही है। सोसाइटी में तालाबंदी होने के कारण किसानों को खाद बीज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है एवं बाजार से ज्यादा  दर पर किसानों को खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ।अतः सरकार तत्काल कर्मचारियों  से सार्थक चर्चा  कर उनकी  जायज मांगों को मांनते हुए हड़ताल  वापसी करवाने की दिशा में कदम उठाए।

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