स्वास्थ्य

कुपोषण मुक्ति के लिए 57 आंगनबाड़ी केन्द्रों में बनाया गया है किचन गार्डन

कांकेर ब्यूरो – कांकेर परियोजना अतंर्गत लगभग 57 आंगनबाड़ी केन्द्रों में किचन गार्डन विकसित किया गया है, जिसमें मुनगा पौधा का नियमित देखभाल कर उसके भाजी, फल एवं उसका पाउडर बनवाकर सभी सब्जियों में प्रतिदिन दो-दो चम्मच उपयोग करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों के गृह भेंट के दौरान कुपोषित बच्चों, गर्भवती मातायें और एनिमिक महिलाओं को हाथ धुलाई, स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दिया जा रहा है।जिला मुख्यालय कांकेर से सटे हुए ग्राम पंचायत सरंगपाल में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-2 में किचन गार्डन तैयार कर सब्जी भाजी, हरी मिर्च, टमाटर, लौकी, कद्दू लगाई गई है। लाॅकडाउन के दौरान क्वारेंटाइन सेंटर सरंगपाल से दूरी होने के बावजूद बाहर से आये हुए मजदूर के बच्चों को सूखा राशन वितरण किया गया तथा नियमित रूप से हाथ धुलाई, सेनेटाईजर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत् दो वर्ष में नोनी सुरक्षा योजना के तहत् 09, सुकन्या योजना के 22 और मातृत्व वन्दना योजना के 13 हितग्राहियों को लाभन्वित किया गया है। कार्यकर्ता द्वारा सजग कार्यक्रम के वीडियो को बच्चों के पालकों को गृहभेंट के समय डिजिटल माध्यम से प्रेषित किया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण माह दिवस के अनुसार दिये गये गतिविधियों का नियमित रूप से पालन किया जा रहा है तथा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैठक में सरपंच, वार्ड पंच और महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी केन्द्र बंद होने के बावजूद भी कार्यकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत् सभी चिन्हांकित कुपोषित बच्चे, गर्भवती मातायें और एनिमिक महिलाओं के घर-घर जाकर सूखा राशन का वितरण किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्र सरंगपाल-2 के अंतर्गत 03 से 06 वर्ष के 21 बच्चे, तीन गर्भवती मातायें और एनीमिक महिलाओं को नियमित रूप से गर्म भोजन से लाभान्वित किया जा रहा है।

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