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रोजगार मूलक प्रशिक्षण के अंतर्गत दिया गया हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण

आशीष परिहार कांकेर- कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर द्वारा आदिवासी उप योजना अंतर्गत ग्राम कुलगांव, गढ़पिछवाड़ी, बेवरती, पटौद लुलेगोंदी एवं अन्य ग्राम के स्व सहायता समूह के महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगामी माह में होली का त्योहार आने वाला है जिसमें लोग रंग गुलाल का उपयोग करते हैं, जो विभिन्न रसायनिक सामग्रियों का उपयोग करते हुये बनाये जाते है। जिससे मनुष्य को कई प्रकार की बिमारियां जेैसे त्वचा में एलर्जी, आंखों में इंफेक्सन, दमा, अस्थमा जैसे रोग हो जाती हैं। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर द्वारा प्राकृतिक पदार्थो जैसे कत्था, चंदन, पालक, लालभाजी, मेंहदी, धवई, पलाश, चुकंदर, हल्दी एवं गुलाबजल आदि का उपयोग करते हुए त्वचा के लिए सुरक्षित हर्बल गुलाल बनाने की विधि स्व सहायता समूह की महिलाओं को बताया गया। केन्द्र के वैज्ञानिक डाॅ. कोमल सिंह केराम के मार्गदर्शन में महिलाओं ने स्वंय हर्बल गुलाल बनाकर प्रायोगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। हर्बल गुलाल की बाजार में बढ़ती हुई मांग को देखते हुए बड़ी मात्रा में इसे तैयार किया जायेगा जिससे स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिलेगा साथ ही साथ गुलाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी नहीं होगा।

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