स्वास्थ्य

कोरोना संक्रमण को रोकने प्रत्येक मतदान केंन्द्रवार ग्राम पंचायत स्तर पर गठित दल करेगी निगरानी, वही प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रवेश सारथी राजनांदगांव- कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि जिले को लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान कोरोना के केस में कमी आई है। 17 मई से छूट देते हुए बाजार तथा व्यवसायिक संस्थानों को खोला गया है, जो पूरे जिले में लागू है। इस छूट की अवधि में सभी प्रतिष्ठानों एवं बाजारों में प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन होनी चाहिए। सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा जनपद सीईओ शहर के साथ गांवों में कड़ी निगरानी रखेंगे। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों  में संक्रमण को रोकने एवं निगरानी के लिए प्रत्येक मतदान केन्द्रवार ग्राम पंचायत स्तर पर कर्मचारियों का दल गठित किया गया है। इनके माध्यम से प्रत्येक गांव में मास्क और सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई भी करें। ढाबा, रेस्टोरेंट को खोलने की अनुमति दी गई है। इस संस्थानों द्वारा केवल पार्सल की सुविधा ही दी जानी चाहिए, इसका मॉनिटरिंग जरूर करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को लॉकडाउन के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों के घरों में कोरोना पॉजिटिव केस आ रहे हैं वे व्यापार नहीं करेंगे। भीड़ वाले स्थान में व्यापारियों और फल-सब्जी विक्रेताओं, आटो, रिक्शा चालकों का सैम्पलिंग लिया जाए। कुछ गांव ऐसे हैं जहां  कोविड-19 के एक-दो केस आ रहे हैं इन मरीजों कोविड केयर सेंटर में रखें जिससे गांव में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है। कोरोना मरीजों के कम होने से कोविड केयर सेंटर और अस्पतालों में बेड खाली है इसका उपयोग किया जाना चाहिए। सैम्पलिंग में पॉजिटिव और निगेटिव रिपोर्ट आने वाले सभी की एन्ट्री होनी चाहिए। कोविड केयर सेंटर और हॉस्पिटलों में रिक्त बेड की संख्या कितनी है यह भी अपडेट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में ब्लैक फंगस की शिकायत मिल रही है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे लोगों को लक्षण आने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लें, जिससे समय पर इसका इलाज किया जा सके।कलेक्टर वर्मा ने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए अधिक से अधिक रजिस्टे्रशन कराएं। सीएससी, पंचायतों के ऑपरेटर, रोजगार सहायक, सचिव के माध्यम से अधिक से अधिक पंजीयन कराएं। वनांचल क्षेत्रों में लोगों को पंजीयन की जानकारी नहीं होती है वहां पंचायत पीडीएस के माध्यम से पंजीयन कराएं। जितना अधिक रजिस्ट्रेशन होगा, जिले को उसी अनुपात में वैक्सीन प्राप्त होगा। जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगाया है और जिन्होंने पहला डोज लगाया है वे समय आने पर दूसरा डोज जरूर लगाएं। 18 से 44 वर्ष के आयु वाले युवाओं ने वैक्सीनेशन में अधिक रूचि दिखाई है। कोरोना से बचने का सबसे अच्छा रास्ता वैक्सीनेशन है। वैक्सीन लगाने से कोरोना से सुरक्षित रहा जा सकता है।

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