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कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने अबागढ़ चौकी विकासखंड में मोंगरा बैराज में निर्मित फिश केज कल्चर का अवलोकन किया

कमल साहु अबागढ़ चौकी- शिवनाथ नदी में निर्मित मोंगरा बैराज मेंं 2 करोड़ 88 लाख रूपए की लागत से मछली केज कल्चर किया जा रहा है। कलेक्टर वर्मा रैम्प के द्वारा डैम के बीच में बने केज कल्चर तक पहुंचे, जहां उन्होंने मछली केज कल्चर की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नवीनतम तकनीक से मत्स्य पालन करने की इस तकनीक से किसानों एवं मत्स्य पालकों को लाभ मिलेगा। इस कार्य में मछली पालन में लगे श्रमिकों को स्थायी रोजगार मिला है। उन्होंने केज कल्चर में फंगाशियस एवं तिलापिया प्रजाति की मछली के संबंध में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि डैम के बीच में 96 केज लगाए गए है। जहां एक ही स्थान पर फंगाशियस एवं तिलापिया प्रजाति की मछली का व्यापक पैमाने पर मत्स्य पालन किया जा रहा है। डैम के बीच केज कल्चर का दृश्य रमणीय एवं रोमांचक है। चार बाई आठ मीटर के केज में बीस फीट तक गहराई में जाल लगा होता है। शासन की योजना के तहत संचालित यह केज कल्चर जिला प्रशासन एवं मत्स्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। मछलियों को रैम्प के माध्यम से डैम के बीच केज तक जाकर समय-समय पर चारा दिया जाता है। बैराज में जल के स्तर के अनुसार केज की ऊंचाई का अनुपात भी कम-ज्यादा किया जाता है। मछली केज कल्चर के संबंध में जानकारी देते हुए सोहेल ने बताया कि यह विधि अधिक संख्या में मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त है। मत्स्य पालन के लिए जून में 5 हजार फिंगरलिंग डाला गया था। 6 से 7 महीने में एक फसल पूरी होती है। इस हिसाब से 10 दिनों में केज खाली करेंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 4 हजार मछली के हिसाब से 192 क्विंटल उत्पादन होगा। इस अवसर पर एसडीएम  सीपी बघेल, एसडीओ मोंगरा बैराज  एसके साहू, जनपद सीईओ  बीएल देहारी, नायब तहसीलदार  एचएम खुंटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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